
Uttar Bharatiya Sangrahalayon Mein Vishisht Pratimaen
Author: Dr. Gyanendra Narayan Rai
ISBN: 978-9393082688
Page Count: 256
Binding: Hardbound
Language: Hindi
About the Book:
प्राचीन भारतीय मूर्तियों के अध्ययन में संग्रहालयीय सामग्री का योगदान अधिक महत्वपूर्ण रहा है। प्रस्तुत पुस्स्तक में अध्ययन के लिए विभिन्न भारतीय संग्रहालयों में सुरक्षित कुछ ऐसी मूर्तियों को चुना है जो अपने विशेष लक्षणों के कारण सर्व साधारण मूर्तियों से भिन्न हैं और प्रतिमाशास्त्रीय तथा मूर्तिशिल्प की दृष्टि से अतिविशिष्ट एवं महत्वपूर्ण हैं। अध्ययन के लिए साठ मूर्तियों का चुनाव किया गया और चयन की गयी मूर्तियों का विभिन्न संग्रहालयों में जाकर सूक्ष्म निरीक्षण किया गया एवं संग्रहालयों से विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया जिनसे सम्बन्धित प्रतिमाशास्त्र, मूर्तिशिल्प एवं चयनित उदाहरणों के वैशिष्ट्य को ध्यान में रखते हुए उनसे जुड़ी संग्रहालयीय समस्याओं पर गहन विचार-विमर्श का प्रयास संक्षेप में प्रस्तुत है। प्रस्तुत पुस्स्तक अध्ययन की दो विधाओं-कला-इतिहास व संग्रहालयविज्ञान को अपने में समेटे हुए है दोनों ही विषय अपने आप में समग्र एवं कई दृष्टियों से दुरुह हैं और साथ ही एक दूसरे के पूरक भी हैं।
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