
Rameshchand Shah Ke Upanyaason Mein Chetna Aur Shilp Bodh
Author: Dr. Rashmi Mishra
ISBN: 978-9393082602
Page Count: 274
Binding: Hardbound
Language: Hindi
About the Book:
आधुनिक काल में मानवीय संवेदना लुप्त होती जा रही है, समाज में नैतिक मूल्यों का ह्रास हो रहा है जिससे मानवतावादी दृष्टिकोण लुप्त हो गया है। ऐसे समय रमेशचन्द्र शाह के उपन्यास संजीवनी का काम कर रहे हैं। शाह के व्यक्तित्व और उपन्यासों पर आधारित यह पुस्तक स्वस्थ चिंतन तथा सुंदर समाज का निर्माण करने में सहायक होगी। प्रस्तुत पुस्तक में उन औपन्यासिक कृतियों का समावेश किया गया है जो और अधिक विवेचन की मांग करती हैं। रमेशचन्द्र शाह के उपन्यासों में उपलब्ध मानवीय संवेदनाओं और शिल्प की दृष्टि से उपन्यासों का विवेचन किया गया है। इसमें सामाजिक दृष्टिकोण से श्री शाह के उपन्यासों का मूल्यांकन भी किया गया है। इस प्रयास में उद्धरण कुछ बड़े अवश्य हो सकते हैं, लेकिन पूर्वापर संबंध स्थापित करने के लिए आवश्यक भी हैं।
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